महान पत्रकार, कल्पेश याग्निक...कायरता भरा कदम!

कल्पेश याग्निक, क्षमा! स्वर्गीय कल्पेश याग्निक, जिनके आकस्मिक मौत कि वजह से देश-दुनिया स्तब्ध रह गया। तीन दिनों से मीडिया के माध्यम से जानकारी मिल रही थी कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई। पर आज शाम हिन्दी अखबार नई दुनिया में छपी खबर...कल्पेश याग्निक ने छत से कूद कर की खुदकुशी ने दोबारा आश्चर्य चकित किया। अब तो बस इंतजार है, घटना के असल सच की।
आखिर क्या वजह रही कि कलम के एक बेबाक निर्भिक और सच्चे सिपाही को, कायरता वाला कदम उठाना पड़ा? पारिवारिक कलह, कोई बाहरी डर, किसी का उकसावा या फिर समाजिक के घिनौने मुद्दे?
उनके मौत पर सैकड़ों लोगों के श्रद्धान्जलि और नमन भरे पोस्ट, मेसेज, खबर इत्यादि पढ़ा। पर मैने कुछ भी नहीं लिखा उनके बारे में, क्योंकि मैं आहत और खफा था उनके मौत से! खफा इसलिए कि उनकी वजह से मेरी एक इच्छा अधूरी ही रह जायेगी। पिछले दो वर्षों से उनको जनता हूं तभी से कभी मिलने की हार्दिक इच्छा थी। खैर अब वे ना सही, उनके लेखनी से मिल के काम चला लूंगा।

मनिष कुमार,
पत्रकारिता छात्र, पटना

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